गुरुवार, 24 जनवरी 2013

शिक्षा की खाई पाट दिखा


अब तक जो हुआ, वो हुआ
सो हुआ, अब और न होने पायेगा 
शिक्षा से खिलवाड़, तू और न कर 
नहीं तो, बेशक तू जुल्मी कहलायेगा 

शातिर तू है, चालाक बड़ा 
सरकार तू कहता खुद को चला 
पर फ़र्ज़ निभाया एक नहीं, और 
तेरी वादा खिलाफी का अंजाम हुआ 
की सरकारी शाला तो ठप्प पड़ा 

है हिम्मत तो एक क्रांति ला, कि 
अब तो तू कुछ कर के दिखा 
और भेज तू अपने बच्चों को 
सरकारी स्कूल के खंडहरों में 

और ललकार तू अपने अफसरशाहों को 
क्लर्कों को और प्यादों को
जो फटे पेट तक सरकारी मेवे खाते हैं 
की वो भी अपने बच्चों को 
सरकारी स्कूल में शिक्षा दे 

और इस तरह तू पैगाम ये दे 
की अब तक जो हुआ, वो हुआ
सो हुआ, की और न होने पायेगा 
की यहाँ है तू सरकार खड़ा 
शिक्षा की खाई पाट दिखाएगा